कर्नाटक में जिसकी सरकार बनती है उसकी केंद्र में नहीं बनती, जानिए ये चौंकाने वाली सच्चाई

काफी समय से ऐसा रहा है कि कर्नाटक में जिस पार्टी की सरकार बनती है उसकी केंद्र में नहीं बनती।

नई दिल्ली। कर्नाटक में कौन सरकार बनाएगा इसका फैसला आज होने जा रहा है। क्योंकि आज कर्नाटक विधानसभा चुनावों के नतीजे आ रहे हैं। हालांकि, काफी समय से ऐसा रहा है कि कर्नाटक में जिस पार्टी की सरकार बनती है उसकी केंद्र में नहीं बनती। कर्नाटक भारत का एकमात्र राज्य है और एक राज्य की सत्ता का असर देशव्यापी राजनीति पर पड़ता है। इस राज्य की राजनीति ऐसी है कि उसका उल्टा असर केंद्र सरकार बनाने में होता है। फिलहाल इस राज्य में बीजेपी, कांग्रेस और जेडीएस चुनावी टक्कर में है। ज्यादातर एग्जिट पोल्स के अनुसार इस राज्य में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, वहीं भाजपा दूसरे नंबर पर रहेगी। जबकि, किंग मेकर के रूप में जेडीएस को बताया गया है।

कौन होगा कर्नाटक का किंग

कर्नाटक का किंग कौन होगा इसका जवाब जल्द ही सामने आने वाला है। एक तरफ भाजपा सत्ता वापसी का दावा कर रही है, तो कांग्रेस भी अपनी सरकार बनाने का दम भर रही है। जबकि जेडीएस अपने आपको किंग मेकर बता रही है। ऐसे में आपको बता दें कि अब तक कर्नाटक चुनावों में क्या हुआ है। 

कर्नाटक चुनाव से जुड़ी बड़ी बातें-

– 1978 तक हर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत हुई।

– 1983 

– 1985 के बाद कर्नाटक ने कभी भी मौजूदा सत्ताधारी पार्टी को नहीं जिताया।

– पिछले 9 विधानसभा चुनावों के ट्रेंड के मुताबिक यदि सत्ता में कांग्रेस रही है तो उसके वोट शेयर में औसतन 4 फीसदी की गिरावट आई है, लेकिन दूसरी ओर अगर भाजपा सत्ता में है तो उसका वोट प्रतिशत थोड़ा सुधरा है।

जेडीएस का ये रहा खेल

इस राज्य के दक्षिणी राज्यों की तुलना में कर्नाटक में कोई भी क्षेत्रीय पार्टी राज्य में केंद्र बनकर नहीं उभरी है। हालांकि, देवेगौड़ा के नेतृत्व में जनता दल एस की पहचान कर्नाटक में क्षेत्रीय पार्टी से कहीं ज्यादा है। इसकी जड़ें जनता पार्टी और जनता दल तक जातीं हैं। जब से राज्य में जेडीएस सक्रिय हुई है तब से यही माना जाता रहा है कि कर्नाटक में जिसकी सरकार बनती है उसकी केंद्र में नहीं बनती। क्योंकि यहां जेडीएस ही एक किंग मेकर के रूप में सामने आई है।

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