आब्सु ने बोड़ो जातीय पिता बोडोफा उपेंद्र नाथ ब्रम्हो के 33 वा मृत्यु वार्षिक मनाया 

कोकराझार , 1 मई । कोकराझार जिले के दोतमा के खुलेंगापूरी स्थित बोडोफा उपेन्द्रनाथ ब्रम्हो के समाधिस्थल  में आज अखिल बोड़ो छात्र संगठन ने बोड़ो जातीय पिता उपेंद्र नाथ ब्रम्हो के 33 वा मृत्यु वार्षिक मनाया गया । इस कार्यक्रम में अतिथि के रूप में कोकराझार के विधायक लौरेंस इस्लारी , सिडनी के विधायक जयंतो बसुमतरी बीटीसी के कार्यकारी सदस्य रेव रेवा नार्ज़ारी स्थित बिभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य बोड़ो जातीय वबिभिन्न संगठन के नेता एवं इस कार्यक्रम में काफी संख्या में बोड़ो समुदाय के लोग उपस्थित थे । इस कार्यक्रम की सुरुवात आब्सु के झंडा फहराकर आब्सु कि केंद्रीय समिति के उपाध्यक्ष करमदाओ वारी ने किया गया । यहां  उपस्थित अतिथियों को आरनोई से स्वागत किया गया । इसके बाद  बोड़ो जातीय पिता उपेन्द्रनाथ ब्रम्हो के समाधिस्थल में उपस्थित अतिथि एवं लोगो ने फूल माला अर्पण किया साथ ही यहां उपस्थित सभी लोगो ने फूल अर्पण किया । इसके बाद कोकराझार के विधायक लौरेंस इस्लारी , सिडनी के विधायक जयंतो बसुमतरी बीटीसी के कार्यकारी सदस्य रेव रेवा नार्ज़ारी सहित अतिथियों ने शांति के प्रतीक कबूतर उड़ाया इसके बाद कोकराझार के विधायक लौरेंस इस्लारी , सिडनी के बोडोफा उपेन्द्रनाथ ब्रम्हो विधायक जयंतो बसुमतरी बीटीसी के कार्यकारी सदस्य रेव रेवा नार्ज़ारी , आब्सु उपाध्यक्ष करमदाओ वारी सहित बिभिन्न लोगो ने पौधारोपण किया इसके बाद पत्रकारों के साथ साक्षत्कार में कोकराझार के बिधायक लौरेंस इस्लारीं ने कहा कि आज दोतमा में आब्सु एवं यूएनबी ट्रस्ट एक साथ मिल का संकुक्त रूप से बोड़ो जातीय पिता उपेन्द्रनाथ ब्रम्हो का 33 वा मृत्यु वार्षिक मनाया जा रहा है । बोड़ो जाती की उन्नति में बोडोफा उपेन्द्रनाथ ब्रम्हो का काफी योगदान है इस लिए मैं समझता हूं कि आज के दिन जितने भी बोड़ो समाज के लोग है उन्हें बोडोफा उपेन्द्रनाथ ब्रम्हो को याद करना चाहिए । बोडोफा नही होने से आज हम यहां तक सा सफर कभी पूरा नही कर पाते । आज बीएसी , बीटीसी ओर बिटीआर जो हुवा बोडोफा नही होने से नही हो पाता। वही मैं असम सरकार को धन्यवाद देता हूं कि बोडोफा उपेन्द्रनाथ ब्रम्हो के जन्म दिवस को पूरे असम में छात्र दिवस के रूप में घोषणा किये जाने को लेकर । वही आब्सु के केंद्रीय समिति के उपाध्यक्ष करमदाओ वारी ने कहा कि आज का दिन को कफि भी बोड़ो जाती के लोगो को भूलना नही चाहिए । आज बोड़ो जातिय पिता उपेन्द्रनाथ ब्रम्हो का मृत्यु वार्षिक है । वही बोड़ो जातिय पिता उपेन्द्रनाथ ब्रम्हो ने बोड़ो जाती के लिए काफी कुछ कर के गए है । आब्सु के अध्यक्ष जब से थे उसी समय से ही वे हमेशा बोड़ो ही नही बिभिन्न जाती के लिए काम करते थे । बोड़ो जाती को सचेतन एवं एकजुट करने के लिए महत्वपूर्ण योगदान बोडिफ़ा का है । साथी ही इन्होंने बोड़ो जाती के विकास के लिए काफी कुछ किया है जिसे शब्दो मे वया नही किया जा सकता है ।

गोपाल प्रसाद

कोकराझार

Leave a Comment