
राधामाधव महाविद्यालय के इतिहास विभाग द्वारा बुधवार महाविद्यालय के कान्फ्रेंस हाॅल में आयोजित हुई आमंत्रित वक्ताओं के वक्तव्य। कार्यक्रम के शुरुवात में राधामाधव महाविद्यालय के इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष स्वर्गीय सुदर्शन गुप्त के प्रति विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देबाशीष राॅय और उप-प्राचार्य डॉ. असीमा राॅय ने प्रदीप प्रज्वलन के माध्यम से कार्यक्रम की शुरुवात की। महाविद्यालय के प्राचार्य, उप-प्राचार्य, आमंत्रित वक्ताओं जिसमें उधारबंद जगन्नाथ सिंह महाविद्यालय के इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गंगेश भट्टाचार्य और राजनीति विज्ञान विभाग के सहकारी अध्यापक डॉ. स्वपन दास, राधामाधव महाविद्यालय के IQAC के समन्वयक डॉ. सोनाली चौधरी और अरुनाभ भट्टाचार्य, अँग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरुंधति दत्त चौधरी, शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष बोरा, बंगला विभाग के डॉ. कालीपद दास और डॉ. सूर्यसेन देव, राजनीति विज्ञान विभाग के जीवन दास, इतिहास विभाग की अनन्या भट्टाचार्य और पारमिता दे सहित अन्य अध्यापकों और छात्रों ने स्वर्गीय सुदर्शन गुप्त की छवि पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी। महाविद्यालय के इतिहास विभाग की ओर से हुई कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. गंगेश भट्टाचार्य को मानपत्र से सम्मानित किया गया। डॉ. भट्टाचार्य ने ‘कॉन्सेप्ट ऑफ हिस्ट्री’ विषय पर बोलते हुए उन्होंने समय और समाज को आगे बढ़ाने और इतिहास के विभिन्न क्षेत्रों में परिवर्तन की नई दिशा की ओर आगे बढ़ने पर बल दिया। दूसरे आमंत्रित वक्ता डॉ. स्वपन दास ने ‘एन ओवरव्यू ऑफ पोलिटिकल साइंस’ विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। दोनों वक्ताओं ने अध्यापकों और छात्रों के सवालों के जवाब भी दिये । इतिहास विभाग द्वारा कार्यक्रम का संचालन इतिहास विभाग की सहकारी अध्यापिका अनन्या भट्टाचार्य ने किया। इस दिन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देबाशीष राॅय ने इतिहास विभाग की ओर से वाॅल मैग्ज़ीन का विमोचन किया। बहरहाल, डॉ. गंगेश भट्टाचार्य ने सम्मान स्वरुप भेंट को न स्वीकारते हुए उन्होंने स्वर्गीय सुदर्शन गुप्त की स्मृति में अध्यापिका अनन्या भट्टाचार्य को दिये ताकि विभाग स्वर्गीय सुदर्शन गुप्त की स्मृति में कुछ काम करें। अंत में इतिहास विभाग की अध्यापिका पारमिता दे द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के जरिए कार्यक्रम की समाप्ति हुई।