माइबांग डेजिगनेटेड शिविर में डीएनएल उग्रवादियों ने की दो लोगों की हत्या

डिमा हसाउ (असम), 06 दिसम्बर हि.स.)। हाल ही में संघर्ष विराम की घोषणा करने वाले डिमासा नेशनल लिबरेशन आर्मी (डीएनएलए) ने दो लोगों की हत्या कर दी और चार गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को डिमा हसाउ जिला मुख्यालय शहर हाफलांग के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में पांच डीएनएलए उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है।

इस घटना से एक बार फिर से उग्रवादी गुट डीएनएलए चर्चा में आ गया है। एक महीना पहले शांति वार्ता के तहत मुख्य धारा में लौटने वाला उग्रवादी संगठन डीएनएलए फिर से विवादों में फंस गया है। हाल ही में मुख्य धारा में लौटने के बावजूद, छह डीएनएलए कार्यकर्ता आज तड़के माइबांग के मणिगीपुर डेजिगनेटेड शिविर से निकलकर लेंगटिंग से छह लोगों को अगवा कर लिया। उन्हें माइबांग डेजिगनेटेड शिविर में ला कर उनकी जमकर पिटाई की गई। पिटाई के चलते दो लोगों की मौत हो गई और चार व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। फिलहाल घायलों को हाफलांग सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां पर चारों का इलाज चल रहा है।

डीएनएलए उग्रवादी समूह के सदस्यों ने लेंगटिंग बोडो लालबोंग गांव से चार और लेंगटिंग से दो लोगों को हाफलोंग स्थित अपने डेजिगनेटेड शिविर में उठा लाया था। इसके बाद सभी छह लोगों की डीएनएलए उग्रवादियों के समूहिक रूप से पिटाई की। उन्हें लाठी-डंडों से इतना पीटा गया कि दो लोगों की जान चली गई और चार गंभीर रूप से घायल हो गए।

सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घायलों को छुड़ाकर हफालोंग सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। डिमा हासउ के पुलिस अधीक्षक जयंत सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस घटना में शामिल पांच डीएनएलए उग्रवादियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी रखे हुए है।

इस बीच, डीएनएलए उग्रवादी संगठन द्वारा अमानवीय यातनाओं में मारे गए दोनों व्यक्तियों की पहचान रामचंद लांगथासा (45) और विमल गोस्वामी के रूप में हुई है। गंभीर रूप से घायलों में क्रमश मंगसाई लांगथासा (34), रमेश हागजोर (42), राजू अरदाउ (18) और अविनाश अरदाउ (18) के रूप में की गयी है। इस घटना को लेकर इलाके में भारी दहशत व्याप्त है।

हिन्दुस्थान समाचार/निरूपम/ अरविंद

Leave a Comment