कहानी (धागों में बुना उजाला)
कहानी (धागों में बुना उजाला) गली के मोड़ पर एक छोटा-सा घर था, जिसकी खिड़की के पास हमेशा एक पुरानी सिलाई मशीन रखी रहती थी। उस मशीन की आवाज़ जैसे उस घर की धड़कन थी। वहीं बैठती थीं सबकी प्रिय-उर्मिला आंटी।अब उनकी उम्र सत्तर साल हो चुकी थी, लेकिन उनके हाथों की रफ्तार में ज़रा … Read more