आपणो मारवाड़ी समाज कठे जारियो है? (लीकलकोटीया नं.2.)
मीनू डीनर को,प्लेट छोटी सी, अर आईटम परात का भाईयों मं जाणूं हूं कि आपणे समाज क बारे मं मेरो लिखणो आपणे समाज क लोगां न चोखो कोनी लागे पण फेरुं भी लिखूं हूं, समाज न सुधारणे की हिम्मत कोनी पण समाज सुधारक एवं सिरमोर कुव्हाणीयां की गाली सुणने लिखूं हूं समाज क नेता लोगां … Read more