धम्मपद्द चित्तवग्गो~१ सूत्र- अंक~३६ — आनंद शास्त्री
प्निय मित्रों ! नित्यसत्यचित्त बुद्धमुक्त पदऽस्थित तथागत महात्मा बुद्ध द्वारा उपदेशित-“धम्मपद्द” के भावानुवाद अंतर्गत स्वकृत बाल प्रबोधिनी में चित्त वग्गो के प्रथम पद्द का पुष्पानुवाद उनके ही श्री चरणों में निवेदित कर रहा हूँ– “फन्दनं चपलं चित्तं दुरक्खं दुन्निवारयं । उजुं करोति मेधावी उसुकारो।व तेजनं ।।1।।” प्रिय सद्कर्मानुरागी मित्रों ! मैं समझ सकता हूँ कि धम्मपद्द … Read more