वर्तमान असहिष्णुता के दौर में अधिक प्रासंगिक हो गया है स्याद्वाद– सीताराम गुप्ता
यह मात्र संयोग नहीं हो सकता कि आज से लगभग ढाई हज़ार वर्ष पूर्व एक ही युग मेंमहावीर, बुद्ध और कन्फ़्यूशियस जैसे युग प्रवर्तक महापुरुष एक साथ ही विश्व फलक पर उभरे जिन्होंने अपने विचारों द्वारा पूरे विश्व में एक क्रांति सी ला दी। संभवतः समय की ज़रूरत ने ही महावीर, बुद्ध अथवा कन्फ़्यूशियस को … Read more