विदेश मे पइसा झारऽता केहू (हास्य कविता)
रंबल मे भेड़-बकरी चारऽता केहू माजरा मे दुध-दही गारऽता केहू एम्प्लोमेंट वीज़ा तऽ भागे से मिले विजिट पऽ आके अंडा पारऽता केहू। सउदी मे जाके फँसलन फालाना दुबई मे दिरहम झारऽता केहू। बाग-बगऽइचा सँवारऽता केहू लोहा मे वेल्डिंग मारऽता केहू फरसटेशन तऽ इंहवा सबके भितर मउगी के दिन-रात तारऽता केहू। कुवैत मे जाके रोवे फालाना … Read more