तृतीय_रूप_चंद्रघंटा
पावन दिवस नवरात्रा में माँ तेरा अभिनन्दन तृतीय दिवस माँ चन्द्रघटा देवी को हैं वंदन , चमक रहा मुख तेरा ,तेरी छवि मनोहारी अर्धचन्द्र शीश सोहे , माँ तू दुष्ट संहारी, स्वर्ग में आतंक बढ़ा जब महिसासुर का हुई प्रकट माँ चंद्रघंटा, सुन कंपन्न देवों का , सब देवों ने मिलकर दिया अपने शस्त्र का … Read more