स्वामी सत्यानंद जी महाराज
श्री गुरु गीता कहती है “गु” मतलब अज्ञान का अंधेरा और “रु” मतलब ज्ञान का उजाला जो अज्ञान के अंधेरे से ज्ञान के उजाले की और ले जाते है वो होते है गुरु. कुछ लोग गुरु को शरीर मन लेते है, गुरु एक तत्व है, जो कभी नहीं बदलता. गुरु तत्व हर समय धरती पर … Read more