–कवि सम्मेलन, सम्मान समारोह एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित
शिलचर। बराक हिंदी साहित्य समिति, असम द्वारा गत शनिवार को शुरू किए गए हिंदी सप्ताह का रविवार को भव्य समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ। समिति के अध्यक्ष उदय शंकर गोस्वामी की अध्यक्षता में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद कणाद पुरकायस्थ ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत हनुमान चालीसा पाठ और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इस अवसर पर समिति के दो पूर्व अध्यक्ष परमेश्वर लाल काबरा, महावीर प्रसाद जैन व अवधेश कुमार सिंह, हिंदी दिवस समारोह संयोजक अरुण कुमार महतो सहित असम विश्वविद्यालय के कानून विभाग के प्रमुख डॉ. अमिताभ सिंह मंचासीन रहे। मुख्य कार्यक्रम का संचालन महासचिव प्रदीप कुमार कुर्मी ने किया। समिति के अध्यक्ष उदय शंकर गोस्वामी ने स्वागत भाषण में उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी साहित्य को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए केवल कवि सम्मेलन तक सीमित न रहकर साहित्यिक गतिविधियों पर भी बल देना होगा। मुख्य अतिथि कणाद पुरकायस्थ ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि देश की परंपरा और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण भाषा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भारतीय को अपनी मातृभाषा के साथ-साथ देश की अन्य सभी भाषाओं का भी सम्मान करना चाहिए। राज्यसभा सांसद ने हिंदी भवन के मरम्मत कार्य के लिए अपनी सांसद निधि से 15 लाख रुपये का अनुदान देने की घोषणा भी की। किताब लोकार्पण हुआ और बालार्क प्रकाशन की तरफ से समिति के पूर्व अध्यक्ष परमेश्वर लाल काबरा को सम्मानित किया गया।
हिंदी में प्रचार प्रसार, सामाजिक कार्य और खेल कुद में चार व्यक्ति को सम्मानित किया गया, जिनमें प. छेदी लाल दुबे (मरणोपरांत), श्रीमती मणि ग्वाला, डॉ मिथुन राय और सहस्र राय शामिल थे। समिति द्वारा छात्र – छात्राओं के बीच कराए गए विविध प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी छात्रों को उपस्थित अतिथियों के हाथों पुरस्कृत किया गया। समापन तथा मुख्य समारोह में कवि सम्मेलन, विशिष्ट व्यक्तियों का सम्मान, विद्यार्थियों के बीच पुरस्कार वितरण तथा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन कमला सोनार ने किया।
समारोह का प्रमुख आकर्षण कवि सम्मेलन रहा, जिसमें कवयित्रियों और कवियों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि सम्मेलन का संचालन कवयित्री बबिता डागा ने किया। सीमा सिंह ‘स्वस्तिका’ मधु पारख, जय प्रकाश ग्वाला, बिंदु सिंह, मनीषा देव आदि ने कविता पाठ किया। वहीं, सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान छठ पूजा पर आधारित प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। समारोह में बालार्क प्रकाशन की एक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। आमंत्रित अतिथियों, प्रतिभागियों, कवियों के बीच प्रसिद्ध हिंदी लेखकों, उपन्यासकारों के पुस्तक भेंट किए गए। समारोह के अंत में समिति की ओर से हिंदी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण तथा प्रचार-प्रसार के लिए भविष्य में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया गया। अंत में सांस्कृतिक संध्या देर शाम तक चला। कलाकारों ने नृत्य, गीत की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में कन्हैयालाल सिंगोदिया, दुर्गेश कुर्मी, डॉ रंजन सिंह, सांवरमल काबरा, युगल किशोर त्रिपाठी, बाबुल नारायण कानू, प्रमोद जायसवाल, किरण त्रिपाठी, सबिता जायसवाल, बिंदु सिंह, कमला सोनार, लालन प्रसाद ग्वाला, धर्मेंद्र राय, मनोज कुमार साह, राजीव राय, अनंतलाल कुर्मी, सुपर्णा तिवारी, मामोनी दास, संचरिता कोइरी, अदिति जैन आदि की उपस्थिति रही।